Wednesday, February 8, 2023
Home ब्लॉग विज्ञान की बड़ी सफलता

विज्ञान की बड़ी सफलता

नई तकनीक इमारतों या इंसानी बस्तियों पर बिजली गिरने से होने वाले नुकसान को रोकने में मददगार हो सकती है। इस प्रयोग को आसमान से गिरने वाली बिजली से बचाव की दिशा में एक बड़ी प्रगति समझा गया है।

भारत में हर साल सैकड़ों लोग बिजली गिरने से मर जाते हैं। पिछले साल आई खबरों के मुताबिक इस कारण नौ सौ से अधिक मौतें हुईं। अब वैज्ञानिकों का एक ऐसा प्रयोग सफल रहा है, जिससे ऐसी मौतों को रोकने की संभावना पैदा हुई है। स्विट्जरलैंड में एक प्रयोग करके वैज्ञानिकों ने गिरती बिजली का रास्ता मोड़ दिया। जाहिर है, यह तकनीक इमारतों या इंसानी बस्तियों पर बिजली गिरने से होने वाले नुकसान को रोकने में मददगार हो सकती है। इस प्रयोग को आसमान से गिरने वाली बिजली से बचाव की दिशा में एक बड़ी प्रगति समझा गया है। साल 1750 में वैज्ञानिक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने अपना पतंग वाला मशहूर प्रयोग किया था, जिससे लाइटनिंग रॉड यानी बिजली गिरने से बचाने वाली छड़ बनाने में सफलता मिली थी। तब उन्होंने एक पंतग में चाबी बांधकर तूफान में उड़ाया था। वैज्ञानिकों ने उस खोज को बेहतर बनाने की दिशा में अब जाकर कुछ ठोस कदम बढ़ाए हैं।

लेजर की मदद से वैज्ञानिकों ने गिरती बिजली का रास्ता मोडऩे में कामयाबी हासिल की है। इसी हफ्ते उन्होंने इसका एलान किया। उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी स्विट्जरलैंड में माउंट सांतिस की चोटी से उन्होंने आसमान की ओर लेजर फेंकी और गिरती बिजली को मोड़ दिया। वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस तकनीक में और ज्यादा सुधार के बाद इसे अहम इमारतों की सुरक्षा में लगाया जा सकता है और बिजली गिरने से स्टेशनों, हवाई अड्डों, विंड फार्मों और ऐसी ही जरूरी इमारतों को नुकसान से बचाया जा सकता है। इसका फायदा ना सिर्फ भवनों को होगा बल्कि संचार साधनों और बिजली की लाइनों जैसी अहम सुविधाओं की सुरक्षा के साथ-साथ हर साल हजारों लोगों की जान भी बचाई जा सकेगी। कुदरती बिजली में बहुत अधिक वोल्टेज वाला इलेक्ट्रिक करंट होता है। यह जो बादल और धरती के बीच बहता है। अब वैज्ञानिकों ने कहा है कि बेहद तीक्ष्ण लेजर से इसके रास्ते में प्लाज्मा के लंबे कॉलम बनाया जा सकता है। ये कॉलम इलेक्ट्रॉन, आयन और गर्म हवा के अणुओं से बनते हैं और आसमान से गिरने वाली बिजली की दिशा मोड़ देने में सक्षम होते हैँ।

RELATED ARTICLES

भाजपा के प्रदेश अध्यक्षों पर संशय

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को कार्यकाल विस्तार मिले दो हफ्ते से ज्यादा हो गए लेकिन अभी तक ऐसा कोई संकेत...

सरकार में फेरबदल का क्या हुआ?

भाजपा संगठन में जिस तरह फेरबदल की चर्चा थम गई है वैसे ही नरेंद्र मोदी की सरकार में बदलाव और विस्तार की चर्चा भी...

आइडिया चाहिए, एकाउंटिंग नहीं

नई परिस्थितियों में भारतीय अर्थव्यवस्था को कैसी दिशा की जरूरत है, इस सवाल पर चर्चा की जरूरत महसूस की जा रही है। लेकिन इसमें...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

काश्तकारों का मुआवजा समय पर दिया जाए- सतपाल महाराज

विधानसभावार द्वितीय चरण स्टेज-2 सड़कों की हुई समीक्षा मंत्री ने की विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में सड़कों की रिपोर्ट तलब देहरादून। प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, पंचायती राज,...

पीसीएस मुख्य परीक्षा में शंकाएं होने के बावजूद भी जल्दबाजी में कराई जा रही परीक्षा- करन माहरा

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने पीसीएस मुख्य परीक्षा को लेकर सरकार और राज्य लोक सेवा आयोग पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि...

आरबीआई की मौद्रिक नीति का बाजार पर रहेगा असर

मुंबई।  विदेशी बाजारों के सकारात्मक रुझान के बीच स्थानीय स्तर पर एफएमसीजी, बैंक और आईटी समूह के जबरदस्त प्रदर्शन की बदौलत बीते सप्ताह 2.6 प्रतिशत...

देहरादून अपडेट- नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर अब ड्रोन से रखी जाएगी नजर, रिकार्डिंग के आधार पर किया जाएगा चालान

देहरादून। नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी। इसकी रिकार्डिंग के आधार पर इन वाहनों का चालान भी किया जाएगा।...

Recent Comments